मलाईदार विभाग की सारी मलाई खा गया यह करिंदा, दफ्तर में हुई जूतों की बरसात

जालन्धर (लखबीर)

वैसे तो बहुत सारे दफ्तरों में वर्षों से प्राइवेट करिंदों का राज चलता आ रहा है पर हैरानी तब होती है जब पता चले के मलाईदार दफ्तर में कई सालों से सरकारी बाबूओं की जगह इन करिंदों ने डेरे जमाए हुए हैं। जी हां, मलाईदार विभाग में मलाई सिर्फ ओर सिर्फ प्राइवेट करिंदों के हाथ लगी हुई है। समझ से परे की बात है कि इस विभाग में रह कर कोई कवाटरों से आलीशाल कोठी का मालिक भी बन सकता था। जी हां, हम बात कर रहे हैं मिन्टों में बेईमानी का सफर तय करने वाले मिन्ट 2 की, जिसके पास कोई अलादीन की चिराग है, जिसे रगड़ते ही वह जहां तक पहुंच गया। बतादें कि उक्त करिंदा कई सालों तक कवाटरों में गुजारा कर रहा था पर मलाईदार विभाग में आते ही उसने आलीशाल कोठी खड़ी कर ली है। 2010 से 2014 तक रसीदें काटने वाला अब इस तरह का बेताज बादशाह बन चुका है कि अगर विभाग छापेमारी करे तो करिंदे के घर से बड़ी खेप सरकारी कागजातों की बरामद हो सकती हैं। सुत्र बताते हैं कि सरकारी मोहरें व सरकारी रजिस्ट्र उसके बैग में ही मिल सकते हैं। इतना ही नहीं जहां एक ओर सरकारी कागज उसके पास होते हैं, वहीं दूसरी ओर दफ्तर की चाबियां भी इसी को सौंपी गई हैं जिस कारण वह बेखौफ अपने काम को अंजाम देता आ रहा है।

रौब झाड़ने के चक्कर में खाए जूते…

बतादें कि दफतर में ही बैठ कर लोगों पर रौब झाड़ने के चक्कर में आपनी छित्तर परेड भी करवाने वाला यह मिन्ट 2 चर्चा में रहा है। लोग बताते हैं कि अपनी कठोर बोलचाल के कारण वह कई बार लोगों के गुस्से का शिकार बन चुका है। दफ्तर में ही जूतों की बरसात होने के बाद भी नहीं सुधरा मिन्टू-2 क्योंकि अधिकारियों को पूरा हिस्सा जाता है।

करिंदों को बाहर निकालने के लिए लगेगा धरना…

मिन्ट-2 व उसके साथियों द्वारा किए गए घोटालों की पोल जल्दी ही खुलने वाली है क्योंकि उसने दफ्तर में रहते हुए उतने कारनामें किए हैं कि उसकी लिस्ट बतानी भी मुशिकल लग रही है। इस सबंधी जल्दी ही इन्साफ पार्टी द्वारा एस.टी.सी., विजीलैंस, सीआईडी को शिकायतें सौंपने की तैयारी कर ली है। अगर फिर भी सुनवाई न हुई तो दफ्तर के बाहर धरना-प्रदर्शन करके सारे प्राइवेट करिंदों को बाहर करने के लिए संर्घष किया जाएगा। बतादें कि पुराने समय दौरान भाजपा ने धरना लगाकर इन्साफ हासिल किया था।

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