शर्मनाक व बेर्दद करतूत… महानगर में एक ही जगह 9 को काट डाला

जालन्धर (लखबीर)

जहां एक ओर कोरोना काल ने हाहाकार मचा रखी है, वहीं महानगर में एक साथ 9 पेड़ों का ‘कत्ल’ कर दिया गया। सोडल इलाके में नगर निगम ने एक स्थान पर लगे 9 हरे भरे पेड़ों पर बेदर्दी आरा चलाकर उन्हें काट डाला, जिस कारण लोगों में रोष पाया जा रहा है। जानकारी अनुसार इलाके में डिस्पोजल का काम किया जा रहा है, जिस के चलते पेड़ों को काट दिया गया है। लोगों की मानें तो डिस्पोजल के लिए पेड़ काटने की बजाए थोड़ा इधर-उधर भी जगह को इस्तेमाल किया जा सकता था।

इलाका कौंसलर की आंखें बंद…

चाहे शरेआम हरे-भरे पेड़ों को लुधियाना कंस्ट्रकशन के ठेकेदार सतनाम सिंह ने काट दिया है पर हैरानी यह है कि इस मामले संबंधी इलाका कौंसलर सुशील कुमार विक्की कालिया को भिणक भी नहीं है। कौंसलर ने कहा कि पेड़ों के कटने संबंधी उन्हें कोई जानकारी नहीं है तथा न ही ठेकेदार ने उनसे पूछना ही मुनासिब समझा है। कालिया ने कहा कि ठेकेदार खिलाफ बनती कानूनी कार्रवाई जरूर की जाएगी। अब समय ही बताएगा कि कौंसलर कालिया को सचमुच जानकारी नहीं थी या फिर….। वहीं दूसरी ओर ठेकेदार सतनाम सिंह व निगम के ज्वाइंट कमिश्नर हरचरन सिंह से बात करनी चाही पर नहीं हो सकी।

पेड़ काटने से पहले लेनी पड़ती है परमिशन…

अगर किसी कारण हरे-भरे पेड़ काटने की नौबत आ भी जाए तो उसके लिए 5 विभागों से परमिशन लेनी पड़ती है। प्रदूर्षन कंट्रोल विभाग से लेकर डीसी दफ्तर से फाइल पास होने के बाद ही पेड़ काटे जा सकते हैं।

भारी जुर्माने व सजा का है प्रावधान…

अगर कोई व्यक्ति पेड़ काट दे तो उसे कानूनी तौर पर सजा का प्रावधान है तथा इसके साथ ही मोटा जुर्माना भी वसूला जा सकता है। इसके साथ अन्य खर्चे भी पेड़ काटने वाले को करने पड़ते हैं, जिसका खर्च हजारों में बनता है।

इलाका हमारी हद्द से बाहर : जंगलात विभाग

जंगलात विभाग के अधिकारी ने कहा कि उक्त इलाका निगम की हद्द में आता है, जिस कारण उनका हस्तेक्ष नहीं बनता है। अगर फिर भी पेड़ काटे गए हैं तो कार्रवाई तो बनती है।

घोर निंदनीय कार्य : केडी भंडारी

इस मामले में पूर्व विधायक व सीपीएस केडी भंडारी ने घोर निंदा की। उन्होंने कहा कि हरे भरे पेड़ काटना किसी कत्ल से कम नहीं है, इसकी ठेकेदार या अन्य जिम्मेवार व्यक्ति को सजा मिलनी चाहिए। पेड़ काटने से पहले परमिशन लेनी पड़ती है। इस मामले में बिना कार्रवाई करवाए मामला शांत नहीं होने दिया जाएगा।

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