एसटीसी दरबार तक मामला पहुंचने के बाद भी नहीं सुलझ सकीं इस ट्रैक की गुत्थियां…

किसी सीनियर अधिकारी की मिलीभगत की आ रही ‘बू’

एमडीएम के सारे दावे खोखले, साबित हो रहे डम्मी

एजैंट छोड़ा खुला तथा कलर्क को दी सिर्फ सीट बदली की सजा

देखें वीडियो के जरिए कैसे खेला गया खेल…

 जालन्धर (लखबीर)

आनलाइन ड्राइविंग टैस्ट ट्रैक पर हालात दिन प्रति दिन बेकाबू होते साबित हो रहे हैं। जहां एक अंपाइंटमैंटों के चक्कर में जनता धूल चाटने के लिए मजबूर हो चुकी है, वहीं समार्ट चिप कंपनी के मुलाजिम लगातार घोटालों के कारण चर्चा का विष्य बनते आ रहे हैं। ऐसा नहीं है कि मुलाजिमों की लापरवाही या घोटालों संबंधी सीनियर अधिकारियों जैसे कि एसटीसी, डीसी, एसडीएम या अन्य अधिकारियों को भिनक न लगती हो पर बावजूद इसके घोटाले करने वाले एजैंट शरेआम लोगों को चूना लगाते आ रहे हैं। लोगों की मानें तो सीनियर अधिकारियों या समार्ट चिप कंपनी के अधिकारियों की शह पर ही सब कुछ होना संभव है क्योंकि अगर अधिकारी मामला ध्यान में आने के बाद कार्रवाई करें तो कभी भी मुलाजिमों  या एजैंटों के हौसले बुलंद नहीं हो सकते हैं।

एमडीएम फिल्लौर के सारे दावे खोखले…?

कुछ दिन पहले फिल्लौर ट्रैक पर इस तरह के मामले सामने आए जिस दौरान अधिकारियों की नींद उड़ा दी थी पर लोगों की मानें तो एसडीएम फिल्लौर विनित कुमार ने कार्रवाई के जो दावे किए थे वह सिर्फ ओर सिर्फ जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए तथा मीडिया को गुमराह करने के लिए ही किए गए थे क्योंकि आज तक इन घोटालों संबंधी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।

यह मामले भी आज तक खटाई में…

फिल्लौर के ही एक आवेदक ने 25 फरवरी 2020 को पक्के लाइसैंस के लिए आनलाईन अपलाई किया, जिसे टैस्ट के लिए 30 जून 2020 मिली पर हैरानी रही कि उसका टैस्ट 30 जून की बजाए 12 जून को ही कर दिया गया, जबकि लोगों का टैस्ट एक दिन तो क्या एक घंटा भी पहले नहीं निपटाया जाता। लोगों में चर्चा है कि 18 दिन पहले टैस्ट सिर्फ ओर सिर्फ सेवा-पानी के बाद ही लिया गया है।

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इसी तरह रात को ट्रैक पर गाड़ी के घुमाने के मामले में भी आज तक एजैंट पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। मौके पर गाड़ी के साथ जिस एजैंट को दबोचा गया उसे भी बिना कार्रवाई के छोड़ना चर्चा का विष्य बना हुआ है। एसडीएम फिल्लौर ने आज तक एजैंट के खिलाफ पुलिस को भी शिकायत करना मुनासिब नहीं समझा जिसके कारण एजैंट आज भी लोगों से कामों के लिए खूब रिश्वत वसूल रहा है। लोगों की मानें तो एसडीएम की मजबूरी समझ से परे की बात है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि आखिर इन सारे घोटालों के पीछे किसी अधिकारी का हाथ ही तो नहीं है, जिस कारण कोई कार्रवाई नहीं हो रही। लोगों की मानें तो एसडीएम साहिब सिर्फ डम्मी ही साबित हो रहे हैं क्योंकि उन्होंने अभी तक सिर्फ कलर्क की सीट ही बदली है, एजैंट तथा कलर्क पर कोई विभागीय या पुलिसीय कार्रवाई का सिफारिश तक नहीं की है।

अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है, जल्दी रिजल्ट होगा सामने : एसडीएम

इस संबंधी एसडीएम विनित कुमार ने कहा कि इस संबंधी विभाग व सीनियर अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है। जल्दी ही सारे मामलों से पर्दा उठ जाएगा। एजैंट खिलाफ भी कार्रवाई जल्दी ही अमल में लाई जाएगी। किसी भी हाल में दफ्तर की बदनामी नहीं होने दी जाएगी।

देखें वीडियो के जरिए कैसे खेला गया खेल…

 

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