सोना खरीदने के लिए मिलेगा लोन, बचत खाते जैसे होंगेे गोल्ड अकाउंट

Loan to buy gold

    • फिजिकल गोल्ड के लेन-देन को कम करने के लिए सरकार ला रही नई गोल्ड पॉलिसी
    • नीति आयोग ने ड्राफ्ट केंद्र को भेजा, पॉलिसी में सरकार सोने को संपत्ति घोषित कर सकती है

मुंबई (विनोद यादव). फिजिकल गोल्ड के लेन-देन को कम करने के लिए सरकार नई गोल्ड पॉलिसी ला रही है। नीति आयोग ने पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर सरकार को भेज दिया है। इसे नए साल में लागू किया जा सकता है। पॉलिसी में सरकार सोने को संपत्ति घोषित कर सकती है।

इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजे) के सचिव सुरेंद्र मेहता के मुताबिक सोना संपत्ति बन जाएगा तो इसे खरीदने के लिए बैंक से लोन भी मिल सकता है। अभी किसी परिवार (पति, पत्नी और अविवाहित लड़की) के पास 850 ग्राम से ज्यादा सोना होने की स्थिति में ही उसे इसे अपनी आय में बताना जरूरी होता है, यह संपत्ति की श्रेणी में नहीं आता है।

ये हो सकती हैं इस नई नीति की 2 बड़ी बातें

सोना बैंक में रखा तो मिल सकेगा ब्याज

इंडियन मर्चेंट चेंबर के आर्थिक निदेशक जी चंद्रशेखर कहते हैं कि प्राइज फ्लक्चुएशन का फायदा मिलने वाला है। गोल्ड सेविंग एकाउंट, बैंक एकाउंट जैसा होगा। आम आदमी के पास मौजूद सोने (सिक्के और बिस्किट, ज्वैलरी नहीं) को वह बैंक में रख सकेगा और उसकी मौजूदा कीमत पर ब्याज ले पाएगा। हालांकि ब्याज दर सामान्य सेविंग अकाउंट से कम रहेगी। इसमें आपको एक पासबुक दी जाएगी। आपके गोल्ड सेविंग अकाउंट में कितना सोना है, वह बैंक आपकी पासबुक में एंट्री करके देगा।

अभी यह स्थिति है : सिर्फ मंदिर-ट्रस्ट के एक मात्रा विशेष से अधिक सोने को ही बैंक में जमा किया जा सकता है। आम आदमी शामिल नहीं है। गोल्ड बॉण्ड स्कीम में बॉण्ड भी खरीदे जा सकते हैं, लेकिन रिटर्न 2.5 फीसदी ही है।

देशभर में एक समान होगा सोने का भाव

इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजे) के सचिव सुरेंद्र मेहता बताते हैं कि पॉलिसी में स्पॉट गोल्ड एक्सचेंज की बात है। इससे अलग-अलग शहरों के अलग-अलग भाव का चलन बंद हो जाएगा और पूरे देश में एक ही भाव रहेगा। साथ ही निवेश करने वाले लोगों के द्वारा एक्सचेंज में किए गए सोने के सौदे की डिलीवरी उसी दिन होगी। आईबीजे ने सुझाव दिया है कि एक्सचेंज के अंदर होने वाले सौदे पर कम टैक्स लिया जाए। बाहर के सौदे पर ज्यादा टैक्स लगेगा।

अभी यह स्थिति है: रिद्धि-सिद्धि बुलियन के सीईओ पृथ्वीराज कोठारी बताते हैं कि एमसीएक्स में फ्यूचर के सौदे किए जाते हैं, उसमें सोने की डिलीवरी में 2 माह तक का वक्त लग जाता है। इसी तरह सोना बेचने पर भुगतान भी फौरन नहीं मिलता है।

 

 

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